इलेक्ट्रिक टू–व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ola Electric ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए, जिनमें कंपनी पर दबाव साफ दिखा। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू घटा है और नेट लॉस सैकड़ों करोड़ रुपये के स्तर पर बना हुआ है। कंपनी ने बोर्ड मीटिंग में वित्तीय स्थिति के साथ आईपीओ से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल का भी ब्योरा दिया।
Ola Electric Q3 Results
Q3 FY26 में ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेटिंग रेवेन्यू घटकर लगभग 470 करोड़ रुपये के आस-पास रह गया, जबकि पिछली तिमाही और पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा काफी ज्यादा था। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू करीब 1,045 करोड़ रुपये के स्तर पर था, यानी सालाना आधार पर रेवेन्यू में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के नौ महीनों में कुल रेवेन्यू लगभग 1,300 करोड़ रुपये के करीब रहा, जो पिछले वर्ष के लगभग 3,000 करोड़ रुपये से काफी कम है।
घाटे का आंकड़ा और EPS का हाल
कंपनी का नेट लॉस Q3 FY26 में लगभग 487 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा, जो बीते साल की समान तिमाही की तुलना में कुछ सुधार दिखाता है, लेकिन अब भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है। पूरे नौ महीनों में ओला इलेक्ट्रिक का कुल घाटा लगभग 1,333 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रति शेयर आय (EPS) इस अवधि में नकारात्मक रही और लगभग माइनस 1 रुपये के आसपास दर्ज की गई, जो शेयरधारकों के लिए कमजोर प्रदर्शन का संकेत है।
खर्च, सेगमेंट और ऑपरेशन का विवरण
कंपनी के कुल खर्च में कच्चे माल की लागत और कर्मचारी लाभ का बड़ा हिस्सा शामिल है, जिसमें मैटेरियल कॉस्ट करीब 223 करोड़ रुपये और एम्प्लॉई बेनिफिट्स पर अच्छी–खासी रकम खर्च हुई। ईवी स्कूटर सेगमेंट कंपनी की मुख्य आय का स्रोत रहा, जहां से सैकड़ों करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया, जबकि नई कैटेगरी और अन्य सेवाओं से अभी मामूली आय हो रही है। दूसरे सेगमेंट में शुरुआती स्तर के कारण कम रेवेन्यू और तुलनात्मक रूप से अधिक लॉस देखने को मिला।
IPO फंड का इस्तेमाल और आगे की रणनीति
ओला इलेक्ट्रिक ने हाल में आए आईपीओ से लगभग 5,000 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिनमें से करीब 3,000 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी कर चुकी है। इसमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर सैकड़ों करोड़ रुपये, नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 826 करोड़ रुपये और जनरल कॉर्पोरेट पर्पज़ तथा वर्किंग कैपिटल के लिए लगभग 134 करोड़ रुपये लगाए गए हैं। इसके अलावा लगभग 1,000 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने और देनदारियां कम करने में किया गया, जबकि करीब 500 करोड़ रुपये अभी अनयूज्ड फंड के रूप में कंपनी के पास रखे हुए हैं, जिन्हें आगे के विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स में उपयोग करने की योजना है।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।



