Multibagger Stock: इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़ी कंपनी Mercury EV-Tech ने दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं, जिनके बाद सोमवार के सत्र में इस स्टॉक पर खास नजर रहने की संभावना है। कंपनी कम मार्केट कैप के बावजूद पिछले कुछ सालों में जबरदस्त रिटर्न दे चुकी है, हालांकि हालिया तिमाहियों में इसके नतीजे दबाव में दिख रहे हैं।
तिमाही रेवेन्यू में 64% की गिरावट
दिसंबर 2025 तिमाही में Mercury EV-Tech का रेवेन्यू घटकर 11.2 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 31.1 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर यह करीब 64 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है, जो बिजनेस वॉल्यूम में कमी और मांग में सुस्ती को दिखाती है। कंपनी का टॉप लाइन प्रदर्शन कमजोर रहने से निवेशकों के बीच ग्रोथ को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
नेट प्रॉफिट और मार्जिन पर दबाव
कंपनी का नेट प्रॉफिट भी तिमाही में तेज़ी से घटा है। पिछले साल दिसंबर तिमाही में जहां कंपनी को करीब 4 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, वहीं दिसंबर 2025 तिमाही में यह घटकर सिर्फ 0.8 करोड़ रुपये रह गया, यानी लगभग 80.8 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट से साफ है कि रेवेन्यू कम होने के साथ-साथ लागत का दबाव भी मुनाफे को प्रभावित कर रहा है।
EBITDA और मार्जिन का हाल
दिसंबर 2025 तिमाही में Mercury EV-Tech का EBITDA 1.9 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 5.7 करोड़ रुपये था, यानी करीब 65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। कंपनी का EBITDA मार्जिन इस तिमाही में 16.93 प्रतिशत रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 11.92 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही में 18.33 प्रतिशत था। मार्जिन में यह उतार–चढ़ाव दिखाता है कि कंपनी लागत और प्राइसिंग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन रेवेन्यू गिरने से लाभ पर असर पड़ा है।
FII होल्डिंग में इजाफा
दिसंबर 2025 की शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 2.7 प्रतिशत हो गई है। सितंबर 2025 तिमाही में FII की हिस्सेदारी 1.9 प्रतिशत थी, यानी बीते तीन महीनों में विदेशी निवेशकों ने इस स्मॉलकैप ईवी स्टॉक में अतिरिक्त खरीदारी की है। यह डेटा दिखाता है कि कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद कुछ संस्थागत निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से स्टॉक में रुचि बनाए हुए हैं।
शेयर प्राइस और रिटर्न का इतिहास
13 फरवरी, शुक्रवार को Mercury EV-Tech का शेयर 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 37 रुपये पर बंद हुआ। एक साल की अवधि में यह स्टॉक 46 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है, जबकि तीन साल में इसने करीब 86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। सबसे खास बात यह है कि पांच साल की अवधि में कंपनी का शेयर लगभग 5102 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है और फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब 703.28 करोड़ रुपये के आसपास है।



