Defence PSU: Hindustan Aeronautics Limited यानी HAL को भारत के फिफ्थ‑जनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोग्राम AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) से बाहर कर दिया गया है। यह पहली बार है जब देश के किसी बड़े फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट में सरकारी कंपनी HAL की जगह सीधे प्राइवेट सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक HAL का नाम EOI (Expression of Interest) के वित्तीय मानदंडों पर फिट नहीं बैठा और कंपनी अकेले आवेदन भी नहीं कर पाई, जबकि शर्तों के अनुसार एकल कंपनी, ज्वॉइंट वेंचर या कंसोर्टियम को ही एप्लाई करना था।
AMCA प्रोजेक्ट में अब कौन हैं दावेदार
AMCA प्रोग्राम के लिए अब तीन प्राइवेट कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें टाटा ग्रुप से जुड़ा कंसोर्टियम भी शामिल बताया जा रहा है। ये कंपनियां एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्राइवेट सेक्टर की तरफ से बड़ी भूमिका निभाएंगी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स की पारंपरिक मोनोपॉली को चुनौती देंगी। प्रोजेक्ट के तहत शुरुआती चरण में कुछ प्रोटोटाइप और लिमिटेड सीरिज प्रोडक्शन की जिम्मेदारी इन प्राइवेट प्लेयर्स को देने की तैयारी है, जिसके बाद बड़े पैमाने पर इंडक्शन होगा।
HAL का ऑर्डर बुक
AMCA से बाहर होने के बावजूद HAL ने अपने बयान में साफ किया है कि कंपनी के पास 2032 तक फैला हुआ मजबूत कन्फर्म्ड ऑर्डर बुक है, जो लंबी अवधि की रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है। Q3 FY26 में HAL का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 29.3% बढ़कर लगभग 1,852 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि रेवेन्यू 10.7% की ग्रोथ के साथ 7,699 करोड़ रुपये के आसपास रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24.3% के स्तर पर बना रहा, हालांकि यह पिछले क्वार्टर के 26.6% से थोड़ा नीचे आया है और मैनेजमेंट ने लागत के दबाव को इसका कारण बताया है। इस तिमाही में बोर्ड ने 22 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड डेट 18 फरवरी 2026 तय किया गया है।
HAL Share Price
17 फरवरी 2026 के आसपास HAL का शेयर लगभग 4,250–4,300 रुपये के दायरे में ट्रेड कर रहा है और यह अपने 52‑वीक हाई 5,166 रुपये से करीब 18–20% नीचे है। पिछले 1 साल में स्टॉक ने लगभग 27% के आसपास रिटर्न दिया है और कंपनी का मार्केट कैप करीब 2.7 लाख करोड़ रुपये के ऊपर बना हुआ है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी डिफेंस कंपनियों में शामिल है। कुछ ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में Q3 के मजबूत नतीजों के बावजूद वैल्यूएशन को लेकर सतर्कता जताई गई है, क्योंकि स्टॉक कई पी‑ई मल्टीपल्स पर अपने डिफेंस पीयर्स के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है और टेक्निकल चार्ट पर भी हाल में कमजोरी दिखी है।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।




