NBCC (India) Limited ने अपनी इंटरनेशनल उपस्थिति को और मजबूत करते हुए सेशेल्स में 75 मिलियन डॉलर के एफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) के रूप में एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) प्राप्त किया है। यह प्रोजेक्ट एक्सपोर्ट‑इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (EXIM Bank) के लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) स्कीम के तहत फंडिंग से चलेगा, जो भारतीय एक्सपोर्ट और विदेशी प्रोजेक्ट्स के लिए एक प्रमुख वित्तीय तंत्र है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत NBCC देश की राजधानी विक्टोरिया में 1,008 एफोर्डेबल आवास इकाइयों की योजना बनाने, डिजाइन करने और खरीद‑फरोख्त (प्रोक्योरमेंट) की जिम्मेदारी संभालेगा, साथ ही जुड़ी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल होंगे।
NBCC की वर्तमान ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल परफॉर्मेन्स
NBCC के पास हाल के वर्षों में भारी ऑर्डर बुक बनी हुई है, जिससे कंपनी की आने वाली आयात और वर्क‑इन‑प्रोग्रेस को मजबूत आधार मिला है। फरवरी 2026 तक कंपनी ने घरेलू स्तर पर लगभग 271.32 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऑर्डर सुरक्षित किए थे, जबकि मार्च के महीने में असम, मेघालय और बिहार में लगभग 319.78 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स भी हासिल किए गए। तीसरी तिमाही FY26 में NBCC की कंसोलिडेटेड सकल आय लगभग 3,022 करोड़ रुपये रही, जो FY25 की समान अवधि की तुलना में लगभग 7.6% की वृद्धि है, जबकि नेट प्रॉफिट लगभग 38–39% बढ़कर 193–197 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।
NBCC का स्टॉक प्राइस और मार्केट वैल्यूएशन
NBCC का शेयर अभी भी 100 रुपये से नीचे के रेंज में ट्रेड कर रहा है; मार्च 2026 के अंत तक आसकर भाव करीब 77–80 रुपये के बीच देखा गया है, जिससे यह अभी भी “स्टॉक अंडर 100 रुपये” लिस्ट के लिए एक आकर्षक अभ्यास बना हुआ है। हालांकि, बाजार कुछ अतिरिक्त चिंताएं भी व्यक्त कर रहा है, खासकर कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर, क्योंकि NBCC का प्राइस‑टू‑अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 32–46 गुना के बीच बताया जा रहा है, जो भारतीय निर्माण उद्योग की औसत लागत‑अर्जन अनुपात से काफी उच्च है। इसके बावजूद, कंपनी की रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) लगभग 37% के आसपास रहने से ऑपरेशनल दक्षता के मामले में यह मजबूत दिखती है।
NBCC Future Plan
सेशेल्स के इस नए 75 मिलियन डॉलर वाले PMC कॉन्ट्रैक्ट ने NBCC के अंतर्राष्ट्रीय पोर्टफोलियो को और विस्तारित किया है, जो भारतीय निर्माण कंपनियों के लिए सॉफ्ट पावर और एक्सपोर्ट इंजेक्शन के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी को अग्निवीर, पीएसयू रिएल सेट कॉर्पोरेशन और अन्य घरेलू रियल एस्टेट/इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से भी नियमित आयात रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। इसके बावजूद, निवेशकों के लिए कुछ रिस्क फैक्टर भी हैं, जैसे उच्च वैल्यूएशन, विदेशी प्रोजेक्ट्स की ऐडमिनिस्ट्रेटिव और फंडिंग डिले, और निर्माण क्षेत्र में लागत दबाव और टाइम गैप। इन तरह के कारक NBCC के भविष्य के शेयर प्राइस और रिटर्न में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं, जिसे इन्वेस्टर्स को अपने रिस्क प्रोफाइल के अनुसार जांचना चाहिए।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।



