इस Pharma Company को ₹571 करोड़ का मिला टैक्स नोटिस, सोमवार को शेयरों पर दिखेगा असर, रखें नजर

Hyderabad‑आधारित फार्मा‑स्पेशलिटी कंपनी Divi’s Laboratories Ltd को Income Tax Department की ओर से FY 2022–23 के लिए संभावित टैक्स अतिरिक्त देने का ड्राफ्ट ऑर्डर मिला है। इस ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर में कुल 570.51 करोड़ रुपये की एडिशन और डिसअलाउंस का प्रस्ताव दिया गया है, जो ट्रांसफर प्राइसिंग और कंपनी टैक्स एडजस्टमेंट से जुड़ा हुआ है। यह ऑर्डर March 20, 2026 को धारा 144C(1) के तहत जारी किया गया और March 21, 2026 को कंपनी को प्राप्त हुआ। इसे आयकर सहायक आयुक्त, Central Circle‑2(1), Hyderabad द्वारा जारी किया गया है।

टैक्स एडजस्टमेंट और पेनल्टी की प्रक्रिया

कंपनी के अनुसार यह ड्राफ्ट ऑर्डर मुख्य रूप से ट्रांसफर प्राइसिंग एडजस्टमेंट पर लागू होता है, जिसमें घरेलू लेनदेन के लिए कीमतों के निर्धारण पर सवाल उठे हैं। इससे अतिरिक्त आयकर देनदारी बनने की संभावना है, हालांकि अभी यह केवल प्रस्तावित स्टेज में है और अंतिम ऑर्डर अभी तय नहीं हुआ है। ड्राफ्ट ऑर्डर में स्पष्ट रूप से धारा 270A के तहत अंडर‑रिपोर्टिंग के आरोप में अलग से पेनल्टी की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। Divi’s Laboratories ने घोषणा की है कि वह इस ऑर्डर का विस्तृत विश्लेषण कर रही है और निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित अधिकारी के सामने अपील दायर करेगी।

हाल का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

दिसंबर 2025 की तिमाही के अनुसार Divi’s Laboratories का कुल रेवेन्यू 2,604 करोड़ रुपये रहा, जो FY24 के समान तिमाही 2,319 करोड़ रुपये से लगभग 12.3% अधिक है। इसी दौरान नेट प्रॉफिट 583 करोड़ रुपये रहा, जो FY24 के 589 करोड़ रुपये से लगभग 1% कम रहा। ऑपरेटिंग स्तर पर EBITDA 18–19% बढ़कर लगभग 978 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिससे EBITDA मार्जिन लगभग 34% के आसपास चल रहा है। इस बीच कंपनी ने यह भी कहा है कि ऑपरेशनल प्रोफिट बढ़ने के बावजूद रेवेन्यू ग्रोथ थोड़ी कमजोर रही है और अगले कुछ महीनों में भी यही ट्रेंड चलने की संभावना है।

Divi’s Laboratories Share Price

March 20, 2026 के अनुसार Divi’s Laboratories के शेयर की कीमत लगभग 6,101 रुपये पर बंद हुई, जो एक दिन में 2.15% की तेजी दिखाती है। पिछले पांच दिनों में कीमत में 0.4% से ज्यादा उछाल देखी गई है, जबकि पिछले एक महीने में लगभग 3% की गिरावट आई है। छह महीने में शेयर करीब निष्क्रिय रहा, जबकि एक साल के दौरान लगभग 2–3% की वृद्धि रही है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अगर टैक्स विवाद का मामला लंबा चलता है या अंतिम ऑर्डर में बड़ी कटौती की जाती है तो यह आने वाले तिमाही में नेट प्रॉफिट और फ्री कैश फ्लो दोनों पर असर डाल सकता है, लेकिन अभी तक यह सिर्फ संभावित देनदारी के स्तर पर है।

Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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