Productivity Push” theme उन कंपनियों पर फोकस करता है जो इंडियन इकॉनमी में मशीनरी, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिकल और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स के जरिए क्षमता बढ़ाने और लागत घटाने का काम करती हैं। इन कंपनियों को सरकारी कैपेक्स, प्राइवेट सेक्टर के ब्राउनफील्ड‑ग्रीनफील्ड निवेश और मेक‑इन‑इंडिया जैसे थीम से सीधा फायदा मिलता है।
Larsen & Toubro (L&T) Share
Larsen & Toubro कैपिटल गुड्स और EPC सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनियों में है, जिसका ऑर्डर बुक लगातार रिकॉर्ड स्तरों पर चल रहा है। कंपनी को इंफ्रा, डिफेंस, हाइड्रोकार्बन और मैन्युफैक्चरिंग से नियमित बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं और इसका ऑर्डर बैकलॉग आम तौर पर 4 लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है, जिससे आने वाले 2–3 साल की रेवेन्यू विजिबिलिटी मजबूत रहती है।
Siemens India और ABB India
Siemens India इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, फैक्ट्री डिजिटलाइजेशन और पावर‑ट्रांसमिशन इक्विपमेंट की बड़ी कंपनी है, जिसका ऑर्डर बुक लगभग 0.42 लाख करोड़ रुपये के आसपास बताया जाता है और हर साल करीब 0.20 लाख करोड़ रुपये के नए ऑर्डर जुड़ रहे हैं। ABB India भी इलेक्ट्रिफिकेशन, मोशन और प्रोसेस ऑटोमेशन प्रोडक्ट्स के जरिए डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स से तेज ऑर्डर इंफ्लो देख रही है, जिससे डबल‑डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में सुधार दर्ज हो रहा है।
BHEL aur heavy engineering exposure
Bharat Heavy Electricals (BHEL) थर्मल, हाइड्रो और न्यूक्लियर पावर प्लांट इक्विपमेंट के साथ‑साथ ट्रांसमिशन और रेल इक्विपमेंट में काम करती है और सरकार के पावर‑कैपेक्स और रेलवे‑मॉडर्नाइजेशन प्लान से सीधा जुड़ी है। हाल के सालों में BHEL ने नए ग्रीन एनर्जी और डिफेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भी एंट्री ली है, जिससे इसके ऑर्डर बुक और रेवेन्यू मिक्स में धीरे‑धीरे बदलाव आ रहा है और कैपिटल गुड्स सेक्टर में इसका स्ट्रैटेजिक रोल बना हुआ है।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।



