डिफेंस शिपबिल्डिंग क्षेत्र की प्रमुख PSU Mazagon Dock Shipbuilders Limited (Mazagon Dock) को लेकर बाजार में चर्चा तेज है कि कंपनी को लगभग 99,000 करोड़ रुपए के विशाल डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है। ऑर्डर का संबंध भारतीय नौसेना के लंबे अवधि वाले पनडुब्बी और शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है, जिसके बाद Mazagon Dock के ऑर्डर बुक और भविष्य की बिजनेस रेवेन्यू पाइपलाइन दोनों पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
CNC नेगोशिएशन पूरी, अब अप्रूवल की तैयारी
Mazagon Dock ने अपने नियामक फाइलिंग में साफ किया है कि केंद्र सरकार के Contract Negotiation Committee (CNC) के साथ इस लगभग 99,000 करोड़ रुपए के डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट की बातचीत पूरी हो चुकी है। इसका मतलब यह है कि तकनीकी और वाणिज्यिक शर्तों पर बातचीत का चरण समाप्त हो गया है और अब प्रस्ताव को अंतिम रूप से प्राधिकृत करने वाली संबंधित सरकारी प्राधिकरण की मंजूरी की प्रतीक्षा है।
जर्मन पनडुब्बी डील
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 से 23 अप्रैल 2026 को जर्मनी की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जिसका एक प्रमुख उद्देश्य एक बड़ी पनडुब्बी डील पर चर्चा करना है, जिसकी कीमत लगभग 8 अरब डॉलर या भारतीय मुद्रा में 70,000–80,000 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। इस डील के तहत जर्मन कंपनी Thyssenkrupp Marine Systems (TKMS) और Mazagon Dock Shipbuilders के बीच पार्टनरशिप बन सकती है, जहां अधिकतर पनडुब्बियों का निर्माण भारत में होगा, जिससे “मेक इन इंडिया” को बड़ी धमाकेदार चपेट मिलेगी।
शेयर बाजार में असर और ऑर्डर बुक
Mazagon Dock के बाजार में 99,000 करोड़ रुपए के संभावित डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट की खबर के बाद शेयर में एक दिन में लगभग 8–10% तक की तेज तेजी दर्ज हुई और कई दिनों तक बोलीबाजी में जोरदार उछाल देखा गया। कंपनी के घोषित ऑर्डर बुक के अनुसार Mazagon Dock के पास पहले से ही लगभग 23,758 करोड़ रुपए की बुकिंग है, और अगर यह 99,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर मंजूर हो जाता है तो भविष्य के 5–7 सालों के लिए बिजनेस फ्लो और कैपेसिटी उपयोग दोनों काफी बेहतर स्थिति में होंगे।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।



