Infra Stock: हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की इस कंपनी को पिछले पांच दिनों में दो बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं, जिनकी कुल वैल्यू 224.28 करोड़ रुपये है, जिस वजह से शेयर सोमवार के सत्र में फोकस में रह सकता है। शुक्रवार के कारोबार में शेयर लगभग 1.50% की गिरावट के साथ 54.70 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
Infra Projects Details
कंपनी को 21 फरवरी 2026 को इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) से लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत इंदौर की टाउन प्लानिंग स्कीम-08 में कुमेड़ी से लसुड़िया मोरी तक सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 69.69 करोड़ रुपये तय की गई है। यह कॉन्ट्रैक्ट 20 फरवरी 2026 को साइन हुआ है और इसकी समयसीमा 30 महीने यानी करीब ढाई साल रखी गई है। प्रोजेक्ट के लिए कंपनी को लगभग 3.48 करोड़ रुपये की 5% परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और करीब 6.68 करोड़ रुपये की 7.87% एडिशनल परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा करनी होगी, जो कॉन्ट्रैक्ट पीरियड प्लस तीन महीने तक वैध रहेगी।
वडोदरा–मुंबई एक्सप्रेसवे पर टोल प्रोजेक्ट
इसी से पहले पांच दिन पहले हाईवे इंफ्रा को एक और बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला था, जिसमें कंपनी को गुजरात में वडोदरा–मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर टोल प्लाज़ा ऑपरेट करने और संबंधित सेवाओं का काम सौंपा गया है। यह प्रोजेक्ट नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा दिया गया है और इसकी अनुमानित वैल्यू लगभग 154 करोड़ रुपये बताई गई है।
कंपनी के सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर पलक राठौर के अनुसार ये ऑर्डर कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटजी के अनुरूप हैं और इससे ऑर्डर बुक और भविष्य की रेवन्यू विज़िबिलिटी मजबूत होगी। IDA अधिकारियों ने भी कहा है कि इंदौर वाला प्रोजेक्ट स्थानीय ट्रांसपोर्ट सुधारने के साथ शहर के विकास और रोजगार निर्माण में मदद करेगा।
Highway Infrastructure Share Price
20 फरवरी के सत्र में हाईवे इंफ्रा के शेयर 1.5% की गिरावट के साथ 54.70 रुपये पर बंद हुए, हालांकि पूरे सप्ताह में स्टॉक ने 1% से अधिक की तेजी दिखाई है। पिछले एक महीने में इस शेयर ने लगभग 5.5% का रिटर्न दिया है, जो बताता है कि शॉर्ट टर्म में स्टॉक में धीरे–धीरे पॉजिटिव मूवमेंट बना हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 392.67 करोड़ रुपये के आसपास है, जिससे यह लोअर स्मॉलकैप कैटेगरी में आती है।
Highway Infrastructure Share Price Target
मौजूदा लगभग 55 रुपये के दायरे और कुल 224 करोड़ रुपये से ज्यादा के ताजा ऑर्डर बुक सपोर्ट को देखते हुए आने वाले महीनों में कंपनी की रेवन्यू विज़िबिलिटी मजबूत होती दिख रही है। अगर इंदौर रोड प्रोजेक्ट और वडोदरा–मुंबई एक्सप्रेसवे टोल प्रोजेक्ट समय पर और शर्तों के मुताबिक पूरे होते हैं, तो अगले 12–18 महीनों में मार्केट कंपनी को बेहतर वैल्यूएशन दे सकता है।
हाल की चाल और ऑर्डर बुक को मिलाकर कई विश्लेषक निकट भविष्य में मौजूदा स्तर से दो अंकों वाली प्रतिशत तेजी की संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहे, हालांकि अल्पावधि में शेयर में उतार–चढ़ाव बना रह सकता है और कीमत का असली रुझान बाजार की धारणा और प्रोजेक्ट की प्रगति पर निर्भर करेगा।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।




