Stock Market: ईरान अमेरिका के भीषण युद्ध में सोमवार को कैसी रहेगी बाजार की चाल, जानें क्या कहा एक्सपर्ट ने, क्या करें निवेशक?

Stock Market: बाजार को जैसे पहले ही अंदेशा था कि वीकेंड पर कुछ बड़ा होने वाला है। शुक्रवार के कारोबार के आखिरी 30 मिनट इसका साफ संकेत थे। निफ्टी पूरे दिन 25,300 के स्तर को बचाने की कोशिश करता रहा। लेकिन अचानक दो मिनट में 25,150 तक फिसल गया। इसके बाद इंडेक्स संभल नहीं पाया और इसी कमजोरी के साथ बंद हुआ।

सोमवार को दिखेगी असली प्रतिक्रिया

वीकेंड के घटनाक्रम पर असली प्रतिक्रिया सोमवार, 2 मार्च को देखने को मिलेगी। अमेरिकी फ्यूचर्स रविवार शाम (स्थानीय समय) से फिर ट्रेडिंग शुरू करेंगे। एशियाई बाजार, भारतीय बाजार और अन्य वैश्विक बाजार सोमवार सुबह इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देंगे। यानी आने वाला सत्र हलचल भरा हो सकता है।

इक्विटी से पहले इन एसेट्स पर नजर

भारत में बाजार खुलने से पहले सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि दूसरे एसेट क्लास भी अहम रहेंगे। कच्चे तेल की कीमत, सोने के दाम, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की चाल पर खास नजर रहेगी। ब्रोकरेज फर्म Barclays ने अपने नोट में कहा है कि कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर कई सेक्टरों पर पड़ेगा।

तेल 100 डॉलर हुआ तो किस पर असर?

तेल की कीमत 100 डॉलर के करीब पहुंचती है तो भारतीय डाउनस्ट्रीम ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों के लिए यह नकारात्मक होगा। वहीं अपस्ट्रीम कंपनियां जैसे ONGC और Oil India को फायदा मिल सकता है। तेल महंगा होने से रुपये पर दबाव पड़ सकता है और मुद्रा में कमजोरी बाजार की चिंता बढ़ा सकती है।

मिडिल ईस्ट एक्सपोजर वाली कंपनियों पर जोखिम

सिर्फ ईरान पर हमले की बात नहीं है, बल्कि ईरान की जवाबी कार्रवाई ज्यादा असर डाल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक GCC क्षेत्र के कई हिस्सों, जैसे दुबई, कुवैत और अबू धाबी, प्रभावित हुए हैं। जिन भारतीय कंपनियों का कारोबार मध्य पूर्व में ज्यादा है, वे दबाव में आ सकती हैं। L&T, Kalyan Jewellers, Welspun Corp और KEC International जैसी कंपनियों पर बाजार की नजर रहेगी।

टेक्निकल लेवल क्या कह रहे हैं?

तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी पहले ही 200-डे मूविंग एवरेज के नीचे आ चुका है। शुक्रवार की तेज गिरावट में यह फैक्टर भी शामिल रहा। नीचे की ओर पहला अहम स्तर 25,000 है। इसके बाद 21 जनवरी का स्विंग लो 24,919 पर है। वहीं 2 फरवरी के बजट दिवस के दौरान बने इंट्राडे लो 24,571 और 24,679 भी मजबूत सपोर्ट स्तर माने जा रहे हैं।

डॉलर की चाल और मेटल शेयर

अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो मेटल शेयरों पर दबाव आ सकता है। फरवरी में निफ्टी मेटल इंडेक्स तीसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा है। इसलिए इस सेगमेंट में किसी भी तेज मूवमेंट का असर पूरे बाजार के मूड पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, बाजार इस समय संवेदनशील मोड में है। सोमवार का सत्र यह तय करेगा कि गिरावट और गहरी होगी या बाजार को कोई राहत मिलती है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

निफ्टी पर दबाव अभी कम होता नहीं दिख रहा। HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड तेज गिरावट का संकेत दे रहा है। चार्ट पैटर्न भी कमजोरी दिखा रहे हैं और निकट अवधि में इंडेक्स 24,700 तक फिसल सकता है। ऊपर की ओर 25,400 के आसपास तुरंत रेजिस्टेंस नजर आ रहा है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसने पूरे हफ्ते 60,800 के स्तर को बचाए रखा, लेकिन शुक्रवार को यह स्तर टूट गया। इंडेक्स 60,500 के अहम सपोर्ट के करीब बंद हुआ है। अगर सोमवार को बाजार गैप-डाउन खुलता है तो इसमें और गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता।

Religare Broking के अजीत मिश्रा के अनुसार, बैंक निफ्टी के लिए तुरंत सपोर्ट 59,800 के आसपास है। इसके नीचे 59,000 का स्तर एक मजबूत आधार की तरह काम कर सकता है। ऊपर की तरफ 61,000 के आसपास रेजिस्टेंस नजर आ रहा है।

Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।

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