मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायल और अमेरिका की कार्रवाइयों पर ईरान ने जवाबी हमले किए हैं, जिससे बाजार में अनिश्चितता फैल गई है।
रिन्यूएबल एनर्जी शेयरों में गिरावट
इस संकट के बीच रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र के प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। 4 मार्च 2026 को NSE पर Waaree Energies का शेयर 2.5 प्रतिशत गिरकर 2584 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जबकि इसका मार्केट कैप 75666 करोड़ रुपये रहा। Adani Green Energy 2.91 प्रतिशत नीचे 2630 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था, हाल ही में गुजरात के खावड़ा में 185 मेगावाट विंड प्रोजेक्ट शुरू करने के बावजूद।
प्रमुख कंपनियों का हालिया प्रदर्शन
NTPC Green Energy का शेयर भी 2 प्रतिशत गिरकर 85 रुपये पर पहुंचा, हालांकि कंपनी ने दयापर में 200 मेगावाट विंड प्रोजेक्ट का 50 मेगावाट हिस्सा चालू किया और कुल क्षमता 9201 मेगावाट हो गई। Suzlon Energy सबसे ज्यादा प्रभावित हुई, जो 4.43 प्रतिशत गिरकर 40.78 रुपये पर ट्रेड कर रही थी और दिन में 52-सप्ताह निचले स्तर 39 रुपये तक लुढ़क गई। Waaree Energies ने पिछले साल सितंबर में 3865 रुपये का उच्च स्तर छुआ था, लेकिन अप्रैल में 1863 रुपये तक गिरा था।
बाजार की अनिश्चितता और निवेशक व्यवहार
निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और आपूर्ति मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स बढ़ा रही हैं, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव से दबाव बना हुआ है। Suzlon ने हाल ही में ग्रुप सीईओ की नियुक्ति और बिजनेस बदलाव की घोषणा की थी।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।



