एमके ग्लोबल (Emkay Global) ने D-Mart की पैरेंट कंपनी Avenue Supermarts के शेयरों को लेकर साफ चेतावनी दी है कि अगर बाजार की स्थिति खराब रहती है तो यह स्टॉक मौजूदा स्तर से करीब 50 प्रतिशत तक गिर सकता है। अप्रैल 2026 के आरंभ में DMART का शेयर करीब 4,350–4,400 रुपये के बीच कारोबार कर रहा है, जहां बाजार पूंजीकरण लगभग 2.8–2.9 लाख करोड़ रुपये के आसपास दर्ज किया गया है।
बहुत ज्यादा महंगा वैल्यूएशन
एमके के मुताबिक Avenue Supermarts का फॉरवर्ड प्राइस‑टू‑अर्निंग (P/E) अनुमानित तौर पर 70–105 गुना के बीच ट्रेड हो रहा है, जो भारतीय खुदरा और FMCG सेक्टर के अन्य बड़े खिलाड़ियों के मुकाबले काफी ऊंचा है। कंपनी का प्राइस‑टू‑अर्निंग‑ग्रोथ (PEG) अनुपात लगभग 4.2–5.0 गुना के आसपास है, जबकि ट्रेंट और टाइटन जैसी कंपनियां लगभग 2.5–2.7 गुना PEG पर ट्रेड कर रही हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक DMart के लिए भविष्य की बहुत ज्यादा ग्रोथ जोखिम के बिना पहले ही भुगत रहे हैं।
Quick‑com और competition का दबाव
भारत में तेजी से बढ़ रहे क्विक‑कॉमर्स प्लेटफॉर्म महीने की मंथली खरीदारी के मामले में DMart से केवल 4–13 प्रतिशत महंगे हैं और बैंक‑डिस्काउंट, कूपन और कैशबैक के बाद यह अंतर लगभग खत्म हो जाता है। इन प्लेटफॉर्मों के डार्क स्टोर की संख्या 400 से बढ़कर 2,000 के करीब पहुंच चुकी है, जिससे कंपनी पर कीमत और डिलीवरी‑स्पीड दोनों पर दबाव आ रहा है।
Sales per sq ft और ग्रोथ ट्रेंड
DMart की प्रति स्क्वायर फुट बिक्री (sales per sq ft) ने पिछले कुछ सालों में तेजी कम की है, जहां 2020 के बाद यह लगभग 5–6 प्रतिशत तक घट गई है। हालांकि FY25 के दौरान कंपनी ने करीब 50 नई stores खोलकर कुल store‑काउंट को 500 के आसपास पहुंचा दिया है, लेकिन यह आंकड़ा भी भारत के कुल organized रिटेल बाजार का सिर्फ लगभग आधा हिस्सा कवर कर पाता है। इन तमाम फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए एमके और कई ब्रोकरेज फर्में DMart के लिए अभी “Buy‑सेंसिटिव” या कंजर्वेटिव रेटिंग दे रही हैं।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।



