Tata Consultancy Services (TCS) ने चौथी तिमाही वित्त वर्ष 2025‑26 के लिए मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने Q4FY26 में संयुक्त नेट प्रॉफिट 13,718 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में लगभग 12.2 प्रतिशत ज्यादा है। इसके साथ‑साथ रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 70,698 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर लगभग 9.6 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है।
तिमाही से तिमाही में वृद्धि
तिमाही से तिमाही (QoQ) की गणना की जाए तो TCS का नेट प्रॉफिट Q3FY26 के 10,657 करोड़ रुपये से बढ़कर Q4FY26 में 13,718 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो लगभग 29 प्रतिशत की तेजी दिखाता है। रेवेन्यू भी इसी तिमाही में 5.4 प्रतिशत की तेजी से बढ़ा और स्ट्रीट उम्मीदों के मुकाबले बेहतर रहा। इस तरह TCS ने लगातार तीसरी तिमाही में क्रमिक वृद्धि दर्ज की है।
पूरे FY26 का रेवेन्यू और मार्जिन
पूरे वित्त वर्ष 2025‑26 के लिए TCS का कुल रेवेन्यू 2,67,021 करोड़ रुपये रहा, जो FY25 की तुलना में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि है। हालांकि स्थिर मुद्रा आधार (constant currency) पर यह वृद्धि लगभग 2.4 प्रतिशत तक घट जाती है। इस साल कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 25 प्रतिशत और नेट मार्जिन लगभग 19.8 प्रतिशत रहा, जो पिछले चार साल के भीतर सबसे ऊंचा स्तर है।
डिविडेंड और डिल्स की देनदारी
TCS के बोर्ड ने Q4FY26 के बाद 31 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो FY26 के लिए कुल शेयरहोल्डर पेआउट की राशि को लगभग 39,571 करोड़ रुपये तक पहुंचाता है। इस तिमाही में TCS ने 12 अरब डॉलर की कुल अनुबंध मूल्य (TCV) के साथ तीन बड़े डील साइन किए, जिससे FY26 का कुल TCV लगभग 40.7 अरब डॉलर रहा।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की राय जरुर लें और अपनी जिम्मेदारी पर ही निवेश करें।




